Saturday, July 15, 2023

महिलाओं के हित संरक्षण से सम्बन्धित विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर महिलाओं को पम्पलेट तथा लघु पुस्तिकाएं वितरत कर कानूनी जानकारी दी गयी।


सम्भल । चंदौसी स्थित न्यायालय आज शनिवार 15 जुलाई को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा निर्देश ,राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से एवं जनपद न्यायाधीश सम्मल अनिल कुमार-XIII के निर्देशन में जनपद सम्भल की तहसील चंदौसी में महिलाओं के हित संरक्षण से सम्बन्धित विषयों पर ग्राम मौलागढ़ तथा विकास खण्ड बनियाखेड़ा, चंदौसी, जिला सम्भल में महिलाओं के हित संरक्षण के बाबत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मयंक त्रिपाठी-II प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सम्भल, डा० सारिका अग्रवाल, चिकित्सक संयुक्त चिकित्सालय चंदौसी संगीता भार्गव, सामाजिक कार्यकर्ता, नायब तहसीलदार अनुज सिंह, एवं अधिवक्ता किरन शर्मा व रीता रानी उपस्थित रहे।अधिवक्ता रीता रानी द्वारा महिलाओं पर हो रहे घरेलू हिंसा के कानून पर जानकारी दी गयी। अधिवक्ता किरन शर्मा द्वारा महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कानून जैसे पाक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम के बारे में जानकारी दी गयी। संगीता भार्गव सदस्य जि0वि0से0प्रा0, सम्भल / काउन्सलर परिवार न्यायालय ने महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। नायब तहसीलदार अनुज सिंह ने सभी अतिथिगण का स्वागत किया। डा० सारिका अग्रवाल, चिकित्सक संयुक्त चिकित्सालय चंदौसी ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से सम्बन्धित जानकारी से अवगत कराया।प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सम्भल द्वारा महिलाओं पर हो रहे अद्यतन विधिक पहलुओं पर कानूनी जानकारी दी गयी एवं सभी महिलाओं से आहवान किया कि किसी भी कानूनी समस्या के निदान के लिए वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सम्भल स्थित चंदौसी के कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि निर्धनता के कारण किसी भी व्यक्ति को चाहे वह महिला हो या पुरूष कानूनी अधिकार से वंचित नहीं किया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन संदीप हल्द्वान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक योगेन्द्र पटेल, अमन, मो0 आरिफ तथा समाज कल्याण विभाग एवं तहसील के कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी महिलाओं को पम्पलेट तथा लघु पुस्तिकाएं वितरत कर कानूनी जानकारी दी गयी। यह जानकारी प्रभारी सचिव श्री मयंक त्रिपाठी द्वारा दी गयी।

No comments:

Post a Comment

Trial court need not hold a mini-trial at the stage of granting an ex parte ad interim injunction- Calcutta High Court

Injunction - **Ex parte ad interim injunction** granted by the trial court - Found to be based on relevant materials and pleadings on oath -...