Monday, August 24, 2026

फुटपाथों को कब्जा मुक्त कराने के लिये निर्देश जारी

सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ की अहमियत को रेखांकित करते हुए सोमवार को कहा कि फुटपाथ मानव जीवन का अहम हिस्सा है। पैदल चलने वालों के सुरक्षित आवागमन के अधिकार को गंभीरता से लेते हुए शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब मांगा है कि सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए सही ढंग से चिन्हित और कब्जा मुक्त फुटपाथ सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाये गए हैं।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए तय और सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करने से जुड़े मामले का दायरा बढ़ाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज से कहा कि पहला कदम पैदल चलने वालों के लिए जगह को सही ढंग से चिन्हित करना है। लोगों को यह भरोसा होना चाहिए कि सड़क पर उनके लिए सुरक्षित जगह मौजूद है और उन्हें उसी जगह पर चलना है। केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी ने कोर्ट को बताया कि सड़कें राज्य का विषय हैं, इसके बावजूद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) को पैदल चलने वालों के लिए अलग जगह उपलब्ध कराने (फुटपाथ) संबंधी एडवाइजरी जारी की है।
स्रोत-जागरण

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