Friday, July 17, 2026

फर्जी हस्ताक्षर करने के लिए याची एवं उसके अधिवक्ता के विरुद्ध कार्यवाही

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के कथित इस्तेमाल को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता और उसके अधिवक्ता के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है,
यह जनहित याचिका (PIL) कुशीनगर स्थित तमकुहीराज एजुकेशन सोसाइटी और फतेह मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रबंधक की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं को चुनौती देने से संबंधित थी।

सुनवाई के दौरान एक प्रतिवादी ने आरोप लगाया कि याचिका वापस लेने के लिए दायर आवेदन पर उसके अधिवक्ता के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश होने वाला अधिवक्ता कथित रूप से काल्पनिक पहचान का इस्तेमाल कर रहा था और अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग व्यक्ति स्वयं को उसका वकील बताकर अदालत में पेश हुए।

हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए दस्तावेज एफएसएल, लखनऊ भेजे। एफएसएल रिपोर्ट में विभिन्न दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षरों में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। संबंधित अधिवक्ता ने बीमारी के कारण हस्ताक्षरों में बदलाव का स्पष्टीकरण दिया, लेकिन अदालत इससे संतुष्ट नहीं हुई।

खंडपीठ ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया जालसाजी और दस्तावेजों में हेरफेर का मामला माना और BNSS की धारा 379 के तहत सक्षम मजिस्ट्रेट, प्रयागराज के समक्ष शिकायत दर्ज कर आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि चूंकि जनहित याचिका की शुरुआत ही प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़े से प्रभावित प्रतीत होती है, इसलिए मजिस्ट्रेट के निर्णय तक याचिका की आगे की सुनवाई स्थगित रहेगी।
Case Title: Sangeeta Gupta v. State of U.P. and 4 Others | PIL No. 450 of 2025
खंडपीठ: मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र

No comments:

Post a Comment

फर्जी हस्ताक्षर करने के लिए याची एवं उसके अधिवक्ता के विरुद्ध कार्यवाही

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के कथित इस्तेमाल को गंभीर मानते हुए याचिकाकर्ता और उसक...