Sunday, February 1, 2026

साक्ष्य अधिनियम की धारा 90 के तहत 30 वर्ष पुराने दस्तावेजों की अनुमानित वैधता वसीयतों पर लागू नहीं होती-छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने यह माना है कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 90 के तहत तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों को प्राप्त वैधता का अनुमान वसीयत पर लागू नहीं होता है। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि वसीयत की आयु चाहे कितनी भी हो, उसे भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 63(ग) और साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 के अनुसार सख्ती से सिद्ध किया जाना चाहिए।

न्यायालय ने वादियों द्वारा दायर दूसरी अपील को खारिज कर दिया और निचली अदालतों के उन निर्णयों की पुष्टि की, जिन्होंने केवल उसकी प्राचीनता के आधार पर 1958 की पंजीकृत वसीयत को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
शीर्षक -रामप्यारे आदि बनाम रामकृष्ण आदि

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