Sunday, October 8, 2023

रंजीत बनकर रकीबुल ने नेशनल शूटर को दिया था लव वाला धोखा, अब आखिरी सांस तक सजा


रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को बहुचर्चित नेशनल शूटर तारा शाहदेव के पति को रेप, धोखाधड़ी से शादी करने और अपनी तत्कालीन पत्नी के धर्म परिवर्तन के प्रयास के आरोप में अंतिम सांस तक कैद की सजा सुनाई। यह सजा रंजीत कोहली उर्फ रकीबुल हसन को अलग-अलग दो धाराओं में सुनाई गई। वहीं इसी मामले में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (निगरानी) मुश्ताक अहमद को 15 साल एवं कोहली की मां कौशल रानी को 10 साल कैद की सजा सुनाई। यह सजा सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने सुनाई।

अदालत ने कोहली पर 1.25 लाख एवं अन्य पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर कोहली को अतिरिक्त 18 माह एवं अन्य को अतिरिक्त छह-छह माह की जेल काटनी होगी। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान जेल में बंद तीनों अभियुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश किया गया। अदालत ने कहा कि अपराध का तरीका और उसकी गंभीरता को देखते हुए सजा दी गई है।

अदालत ने कोहली को आपराधिक साजिश रचने के साथ एक ही औरत के साथ लगातार दुष्कर्म करने के आरोप में सजा सुनाई है। अन्य दोनों को आपराधिक साजिश रच एक ही महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के जुर्म में सजा सुनाई गई है। अदालत ने तीनों को 30 सितंबर को दोषी ठहराया था। सीबीआई के वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह की ओर से पेश 26 गवाहों एवं दस्तावेजों के आधार पर यह सजा सुनाई गई।

रजिस्ट्रार ने कराई थी रंजीत से मुलाकात

शूटर के अनुसार, वह अपने पति को पूर्व रजिस्ट्रार मुश्ताक के जरिए जानती थी। मुश्ताक उसके और रंजीत के जबरन निकाह कराने के लिए एक मौलवी को भी लाया था, जिससे उसने पहली बार हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। इस अपराध के लिए रजिस्ट्रार को सेवा से भी बर्खास्त कर दिया गया था।

शूटर ने 7 जुलाई 2014 को हिंदू परंपरा के अनुसार रंजीत उर्फ रकीबुल हसन से शादी की, जिसने अपना धर्म छिपाया था। 8 जुलाई को निकाह के जरिए उनकी शादी संपन्न कराने की कोशिश की गई। शादी के बाद शूटर को अमानवीय यातनाएं दीं, जिसमें कुत्ते से कटवाना, बुरी तरह पिटाई और धर्म परिवर्तन करने के लिए लगातार धमकियां देना शामिल है। तंग आकर तारा ने 19 जुलाई 2014 को हिंदपीढ़ी थाने में अपने तत्कालीन पति और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

किस धारा में कितनी सजा और जुर्माना

● रंजीत कोहली (44) भादवि की धारा 376(2)(एन) (लगातार दुष्कर्म) अंतिम सांस तक कैद व जुर्माना 50 हजार। धारा 496 (यह जानते हुए कि यह शादी विधि सम्मत नहीं है फिर भी शादी करना) के आरोप में पांच साल व 25 हजार रुपए जुर्माना।

था। जो अभियुक्तों के कठोर सजा का आधार बना। मामले में पीड़िता के साथ एमबीए छात्र निशांत सिंह, खेलगांव स्टेडियम के मैनेजर कुंदन कुमार साव, कारोबारी रवि कुमार शर्मा, पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी, रांची का काजी काजी जन मो. मुस्ताफुर, सिविल सर्जन रांची डॉ. विजय बिहारी प्रसाद, नई दिल्ली के आरएमएल अस्पताल की सहायक प्रोफेसर डॉ. नेहा, साइबर क्राइम थाना के इंस्पेक्टर रांची के दीपिका प्रसाद, सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर दुखहरण ताना भगत व अन्य शामिल हैं।

No comments:

Post a Comment

Transfer of Petition-- Matrimonial Suit -- Wife Living Far Away with Minor Child -- Suit transferred to court near residence of wife

Code of Civil Procedure, 1908, S.24 -- Transfer of Matrimonial Suit -- Wife Living Far Away with Minor Child -- Suit can be tran...